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कौशांबी: बिजली विभाग के कर्मचारियों का कारनामा, बेच दिया दलित बस्ती का ट्रांसफार्मर

January 13, 2018 1:30 pm by: Category: अपराध, क्षेत्रीय, समाचार Leave a comment A+ / A-

(कौशांबी) सरकार के मंसूबे को पलीता लगाने का बेहद चौकाने वाला मामला सामने आया है। मामला बिजली विभाग के अधिकारियों की उस करतूत से सीधे जुड़ा है, जिसमें बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर और टेक्नीकल ग्रेड-2 के कर्मचारी ने महज चंद रुपयों की लालच में मंझनपुर विधान सभा की एक दलित बस्ती के 200 घरो की रोशनी बिजली गुल कर उनका 25 किलोवाट का ट्रांसफार्मर निजी नलकूप संचालक को बेच दिया। मामला सामने आने के बाद बिजली विभाग के अधिकारी दोषियों के खिलाफ कार्यवाही का दावा कर रहे हैं।

पूरा मामला कौशाम्बी के पश्चिम शरीरा थाना इलाके की दलित बस्ती राम भरोसे का पूरा से जुड़ा है। जहाँ 200 घरों की दलित बस्ती को बीजेपी अनुसूचित मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कौशाम्बी के सांसद विनोद सोनकर ने अपनी सांसद निधि से रोशन किया था। बस्ती के लोग अभी बिजली के बल्ब की रोशनी में अपने बच्चो के सुनहरे भविष्य का सपना देख ही रहे थे, कि बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर चन्द्रिका प्रसाद और टेक्नीकल ग्रेड-02 के कर्मचारियों ने सांसद निधि से दिए गए ट्रांसफार्मर का सौदा अपने निजी फायदे के लिए कर दिया। इतना ही नहीं दबंगई के बल पर इन दोनों बिजली के अधिकारियों ने बस्ती का 25 किलो वाट का ट्रासफार्मर खोल कर निजी नलकूप संचालक को दे दिया। गांव के लोगो ने इसकी शिकायत बिजली के बड़े अधिकारियों से की, जिसकी जाँच में मामला सही पाया गया।

बिजली विभाग के अधिकारी की ग्रामीणों की शिकायत पर बस्ती पहुचें, जहाँ गांव का नज़ारा और अपने विभाग के कागजी दस्तावेज देख उनका माथा चकरा गया। कागज में सांसद निधि से दिया गया ट्रांसफार्मर दलित बस्ती में पिछले दो महीने से चल रहा था, लेकिन जमीनी हकीकत में बस्ती के घर में बिजली पहुचने वाला ट्रांसफार्मर मौके पर था ही नहीं। जाँच के दौरान पहली नज़र में ही बिजली के बड़े अधिकारियों ने जूनियर इंजीनियर चन्द्रिका प्रसाद और टीजी -02 गौरव श्रीवास्तव कर्मचारी दोषी पाए गए। जिस पर कार्यवाही करते हुए बिजली के मंडल अभियंता ने दोनों के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज करने की संस्तुति 07 जनवरी को कर दी। जिस पर पश्चिम शरीरा पुलिस ने दोनों बिजली के अधिकारियो समेत लाइन मैन के खिलाफ आइपीसी की धाराओं में मुकद्दमा दर्ज कर जंह शुरू कर दी है। मुकद्दमा दर्ज होने के साथ ही पुलिस ने बिजली अधिकारियों पर अपना शिकंजा कसना शुरू कर है। वहीँ दूसरी ओर दलित बस्ती की बिजली गुल करने वाले जेई और दुसरे लोगो कर बिजली विभाग के बड़े अधिकारी अपनी कार्यवाही का ढिढोरा पीटने से बाज नहीं आ रहे हैं।

कौशांबी: बिजली विभाग के कर्मचारियों का कारनामा, बेच दिया दलित बस्ती का ट्रांसफार्मर Reviewed by on . (कौशांबी) सरकार के मंसूबे को पलीता लगाने का बेहद चौकाने वाला मामला सामने आया है। मामला बिजली विभाग के अधिकारियों की उस करतूत से सीधे जुड़ा है, जिसमें बिजली विभाग (कौशांबी) सरकार के मंसूबे को पलीता लगाने का बेहद चौकाने वाला मामला सामने आया है। मामला बिजली विभाग के अधिकारियों की उस करतूत से सीधे जुड़ा है, जिसमें बिजली विभाग Rating: 0

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