Tuesday , 12 December 2017

Home » समाचार » क्षेत्रीय » ​फर्रुखाबाद: नगर शिक्षा अधिकारी ने दी आत्महत्या की धमकी

​फर्रुखाबाद: नगर शिक्षा अधिकारी ने दी आत्महत्या की धमकी

December 7, 2017 3:40 pm by: Category: क्षेत्रीय, समाचार Leave a comment A+ / A-

(​फर्रुखाबाद)  जिले के सभी खण्ड शिक्षाधिकारियों का 6 माह का वेतन नही मिला है। जिसमें नगर शिक्षाधिकारी सोमवीर सिंह ने अपने विभाग के उच्च अधिकारियों से लेकर जिलाधिकारी को एक एक पत्र लिखा है, जिसमें साफ तौर पर कहा है कि 11 दिसम्बर तक बाकी रुपयों का भुगतान नही किया गया तो आत्महत्या कर लेंगे। बीएसए को भेजे गए पत्र में उन्होंने लिखा कि वर्ष 2016 का वेतन एरियर 4,02,479 रुपये, छठे वेतनमान का एरियर 94,223 रुपये, वर्ष 2015 का एसीपी एरियर 5,90,928 रुपये अभी तक नही मिला है। वर्तमान समय में भी 6 माह का वेतन न मिलने पर लगभग चार लाख रुपया विभाग के ऊपर बकाया है। जिस कारण घर के सभी खर्चे बन्द हो गए है। परिवार में बच्चों की पढ़ाई से लेकर बीमारी में इलाज कराने तक के रूपये नही है। उनके परिवार पर आर्थिक संकट आ गया है। शिक्षा विभाग द्वारा उनका मानसिक व आर्थिक शोषण किया जा रहा है। एनएसए ने भी कहा कि वेतन विसंगतियों के चलते हर माह तीन हजार रुपये कम मिल रहे है। कई वार शिकायत की जा चुकी है लेकिन सुनवाई ही नही की जाती है। जीपीएफ बुक भी बिजनौर से नही मंगाई गई है। बेसिक शिक्षा सचिव को कई बार पत्र भेजा जा चुका है फिर भी एरियर का भुगतान नही दिया गया है। बीएसए पर भी मानसिक शोषण करने का आरोप लगाया है। उधर बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि शिक्षा विभाग के सचिव से बात की जा रही है। आखिर सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों के एरियर व वेतन का भुगतान हो सके। जिले के सभी खण्ड शिक्षाधिकारियों का 6 माह का वेतन बाकी चल रहा है।सभी लोगो से बैठकर बातचीत करके इसका हल निकाला जायेगा। जिससे शिक्षा विभाग के कर्मचारी जिले में अच्छी शिक्षा दे सके।

 

​फर्रुखाबाद: नगर शिक्षा अधिकारी ने दी आत्महत्या की धमकी Reviewed by on . (​फर्रुखाबाद)  जिले के सभी खण्ड शिक्षाधिकारियों का 6 माह का वेतन नही मिला है। जिसमें नगर शिक्षाधिकारी सोमवीर सिंह ने अपने विभाग के उच्च अधिकारियों से लेकर जिलाध (​फर्रुखाबाद)  जिले के सभी खण्ड शिक्षाधिकारियों का 6 माह का वेतन नही मिला है। जिसमें नगर शिक्षाधिकारी सोमवीर सिंह ने अपने विभाग के उच्च अधिकारियों से लेकर जिलाध Rating: 0

Leave a Comment

scroll to top