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डीएमईआर ने 4500 डॉक्टरों को घोषित किया “झोलाछाप”

October 13, 2017 12:29 pm by: Category: राष्ट्रीय, समाचार Leave a comment A+ / A-

ग्रामीण क्षेत्रों में अनिवार्य एक वर्ष की सेवा न करने के कारण डायरेक्टरेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन ऐंड रिसर्च ने महाराष्ट्र के 4500 डॉक्टरों को ‘झोलाछाप’ घोषित कर दिया। झोलाछाप’ डॉक्टरों की इस सूची में मुंबई के मेडिकल कॉलेजों के भी करीब 2500 ग्रेजुएट भी शामिल हैं।

डीएमईआर ने उन 4500 डॉक्टरों की एक लिस्ट तैयार की है, जिन्होंने एमबीबीएस की डिग्री मिलने के बाद ग्रामीण क्षेत्र में एक साल की अनिवार्य सेवा नहीं करने पर लगाई गई पेनल्टी भी उन्होंने नहीं दी। सभी डॉक्टरों को हर पांच साल में महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल के साथ पंजीकरण कराना होता है। इन 4500 डॉक्टरों ने अपने ग्रामीण सेवा बॉन्ड का उल्लंघन किया। जिस कारण ही  इनका पंजीकरण रद्द कर दिया गया।

सरकारी विद्यालयों से स्नातक होने वाले मेडिकल छात्रों को एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त करने के पांच साल के भीतर एक वर्ष के लिए एक गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर काम करने का बॉन्ड भरना होता है। अगर बॉन्ड की सेवा नहीं दी जाती है, तो उन्हें पेनल्टी का भुगतान करना होगा। जो एक एमबीबीएस डॉक्टर के लिए 10 लाख रुपये, पोस्टग्रेजुएट्स के लिए 50 लाख रुपये और सुपर-स्पेशलिटी डॉक्टरों के लिए 2 करोड़ रुपये होती है।

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