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आलोचना को पीछे छोड़, कैसे पाएं सफलता

October 2, 2017 2:36 pm by: Category: नई राहें, यूथ कॉर्नर Leave a comment A+ / A-

किसी भी व्यक्ति को सफलता यूँ ही नहीं मिल जाती। सफलता के अंतिम पायदान पर पहुंचने के लिए ही इंसान को कई बार हजारों लोगों से अपनी आलोचना सुननी पड़ती है। तो कई बार आलोचना करने वालो में अपने ही शामिल होतें हैं। बाहरी लोगों द्वारा की गई आलोचना से तो हम कई बार किसी न किसी तरह बच जातें हैं। किन्तु समस्या तब होती है जब आलोचना करने वाला अपना होता है। तो इस आलोचना से कैसे बचे? किस प्रकार आलोचना को पीछे छोड़ सफलता को प्राप्त करें?

इन सवालों के जवाब हमें यहाँ मिलेंगे।।।

 

आलोचना से न घबराएं

इंसान को कभी भी किसी की आलोचना नहीं करनी चाहिए। बल्कि दूसरों द्वारा की जा रही आलोचना को अपने डेली रूटीन में शामिल करना चाहिए। आलोचना से इंसान को कभी घबराना नहीं चाहिए अपितु उनका सामना करना चाहिए। आलोचना का शिकार होने पर विचलित नहीं होना चाहिए। बल्कि आलोचना का विनम्रता से सामना करना चाहिए। इमोशनल हो कर किसी को भी कटु बात कहने से बचे। क्योंकि इससे आपका ही सम्मान घटेगा। इसलिए कहा जाता है की हमेशा आलोचकों के साथ मधुर व्यवहार बना कर रखना चाहिए। दरअसल आलोचना का विरोध करने पर हमारा ही कम्युनिकेशन गैप बन जाता है। तो हमारे रिश्ते भी अपने कलीग्स के साथ बिगड़ने लगते हैं। आलोचनाओं से चिढ़ने और बचने से अच्छा है की उनका सामना कर विनम्रता के साथ इस्तेमाल करना सीखें।

सकारात्मक रवैया रखें।

आशावान व्यक्ति को सभी मानते हैं। ऐसे व्यक्ति के कार्यस्थल पर होने से माहौल में हमेशा उत्साह बना रहता है। दरअसल सकारात्मक रवैये के कारण ही कठिन क्षणों में भी व्यक्ति बिखरता नहीं है।

गोल्डन रूल

अपने व्यवहार को अच्छा बनाने के कुछ गोल्डन रूल्स होते हैं। उनमे से सबसे महत्वपूर्ण रूल यह है, की आप किसी भी तरह की परिस्थितियों में दूसरों के साथ हमेशा विनम्रता के साथ ही पेश आये। पुराने लोगों ने भी कहा है की ” ऐसी वाणी बोलिये मन का आपा खोये, औरन को शीतल करे आपहु शीतल होये” दूसरी महत्त्वपूर्ण बात यह है की आप दूसरों को “सम्यक” सम्मान दें। याद रहे जो लोग दूसरों को सम्मान देते हैं, उन्ही को बदले में सम्मान मिलता है। जब भी किसी व्यक्ति से बात करें तो उसकी आँखों में आँखे डालकर बात करें, साथ ही बात करते समय उक्त व्यक्ति से उचित दूरी भी बना कर रखें।

 

रहिये दूसरों के साथ एंगेज

किसी भी काम को अकेले नहीं किया जा सकता। क्योंकि किसी भी काम को पूरा करने में और उसे अंजाम पर पहुंचाने में पूरी टीम का हाथ होता है। इसलिए जरुरी है की टीम के सभी सदस्य के साथ बातचीत का रिश्ता बनाये रखें। जब आपको कोई भी दिशानिर्देश मिले तो उसे अच्छी तरह से सुने और उसी दौरान अपने सारे संसय मिटा ले। जब भी किसी भी मौके पर आप किसी समस्या का हल बताये तो उनको सबके सामने बड़ी विनम्रता के साथ पेश करें। इससे सभी को आपके द्वारा बताये गए सुझाव को समझने में आसानी होगी।

स्पष्ट वार्तालाप करें।

किसी के भी साथ वार्तालाप करें तो स्पष्ट रूप से करें। क्यों की ऐसा करने से गलत कम्यूनिकेट की हुई बातों को सही रूप में समझा जा सकता है। तो इन बातों को इनके गलत मतलब निकलने से भी रोका जा सकता है। बेहतर कम्युनिकेशन के लिए सही शब्दों का चयन करना भी जरुरी है। अपनी बातों को साफ साफ कहें। जिससे किसी भी प्रकार की कन्फ्यूजन न हो। स्वामी विवेकानंद, जॉन ऍफ़ कैनेडी, अब्रह्मलिंकन सरीखे लोगों ने इसी एक व्यवहाररूपी गुण के होने के कारण पुरे विश्व में अपने नाम का परचम लहराया।

आलोचना को पीछे छोड़, कैसे पाएं सफलता Reviewed by on . किसी भी व्यक्ति को सफलता यूँ ही नहीं मिल जाती। सफलता के अंतिम पायदान पर पहुंचने के लिए ही इंसान को कई बार हजारों लोगों से अपनी आलोचना सुननी पड़ती है। तो कई बार आ किसी भी व्यक्ति को सफलता यूँ ही नहीं मिल जाती। सफलता के अंतिम पायदान पर पहुंचने के लिए ही इंसान को कई बार हजारों लोगों से अपनी आलोचना सुननी पड़ती है। तो कई बार आ Rating: 0

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