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विनम्रता सफलता पाने की पहली सीढ़ी

October 1, 2017 1:30 pm by: Category: नई राहें, यूथ कॉर्नर Leave a comment A+ / A-

मानव होने लिए हमारे अंदर चार गुण होने चाहिए और वे हैं- कृतज्ञता, अस्मिता, भाव प्रवणता और विनम्रता। यदि हम स्कूल, कॉलेज, समाज और ऑफिस में अपना एक अलग स्थान बनाना चाहते हैं, तो विनम्रता और व्यवहार रूपी अस्त्र धारण कर किसी को भी मात दें सकते हैं।

जो लोग हारने पर भी मुस्कुराते हैं वो जीतने पर इतराते नहीं, और जो मुश्किल परिस्थितियों में भी संयम बनाये रखते हैं उनको पूरी दुनिया में सम्मान मिलता है। सिकंदर ने भी अपने अच्छे व्यवहार के चलते ही पूरी दुनिया पर विजय प्राप्त की, न की इसलिए की वह शूरवीर था। हाँ, शूरवीर होना भी जीत पाने के लिए जरुरी है लेकिन एक हद तक क्यों की जहाँ वीरता काम नहीं आती वहां अच्छा व्यवहार काम आता है। सिकंदर के अच्छे व्यहार पर ही उनके साथी उन पर मर मिटने को तैयार थे। यहाँ सिकंदर का उदहारण इसलिए दिया जा रहा है क्यों की हमारा विश्वास है की व्यवहाररूपी अस्त्र से किसी का भी दिल जीता जा सकता है।

किसी भी कार्यस्थल पर प्रतिभाववान लोगों की कमी नहीं होती। लेकिन सबका चहेता और सम्मानीय व्यक्ति एक ही होता है। जो विजय की दौड़ में सबसे आगे निकल जाता है, सिर्फ अपने अच्छे व्यवहार के चलते। दरअसल जिन लोगों के पास व्यवहार कुशलता रुपी “पूंजी”  है उनको आगे बढ़ने से कोई भी रोक नहीं पाता। ऐसे व्यक्ति में कुछ बातें बेहद ही ख़ास होती हैं। जैसे की जब यह लोग किसी से बात करते हैं, तो इनका स्वाभाव बहुत ही विनम्र होता है। तो उस समय इनका स्वभाव भी सकारत्मकता वाला होता है। गौर करने वाली बात यह है की ऐसे लोग मुश्किल से भी मुश्किल समय में हार नहीं मानते और न ही बिखरते हैं। साथ ही साथ अपनी टीम द्वारा की जाने वाली गलतियों की भी जिम्मेदारी खुद ही ले लेते हैं।

सफलता की इस पूंजी को आप भी पा सकते हो। बस जरुरत है तो सिर्फ कुछ बातो को ध्यान में रखने की।

करें परिस्थितियों का मूल्यांकन

अपनी अभिव्यक्ति के लिए सही समय का इंतजार करना और सही जगह पर सही बात को शिष्टता और विनम्रता के साथ बोलना। उदहारण स्वरुप जब कोई बहस चल रही हो तो वहां पर किसी भी समस्या का उपाय बताते समय किसी भी बात का आरोप किसी भी   व्यक्ति पर यदि लगा दिया जाये, तो वह व्यक्ति कभी भी आपके बारे में अच्छा नहीं सोच पायेगा। इसलिए बेहतर होगा की भावनाओं में बहकर और आवेश में आकर कोई भी बात न की जाये।

जिम्मेदारी लेना सीखें

अक्सर ऐसा देखा जाता है की लोग अपनी गलतियों को मानने के जगह उनको अन्य लोगों पर थोप देते हैं। वह लोग जीवन में कभी भी सफल नहीं होते। बल्कि इन लोगों की जगह जो गलतियों को मानते हैं वो सभी जगह पर सम्मान का पात्र बन जाते हैं। इसी लिए अपनी गलतियों की जिम्मेदारी स्वयं ले और अपनी गलतियों से सीखें।

विनम्रता सफलता पाने की पहली सीढ़ी Reviewed by on . मानव होने लिए हमारे अंदर चार गुण होने चाहिए और वे हैं- कृतज्ञता, अस्मिता, भाव प्रवणता और विनम्रता। यदि हम स्कूल, कॉलेज, समाज और ऑफिस में अपना एक अलग स्थान बनाना मानव होने लिए हमारे अंदर चार गुण होने चाहिए और वे हैं- कृतज्ञता, अस्मिता, भाव प्रवणता और विनम्रता। यदि हम स्कूल, कॉलेज, समाज और ऑफिस में अपना एक अलग स्थान बनाना Rating: 0

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