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 छुटटी वाले दिन को स्वच्छता दिवस मान, बदल दी गांव की तस्वीर

September 7, 2017 9:57 am by: Category: कहानी, नई राहें Leave a comment A+ / A-

हर काम के लिए सरकार की मदद की जरूरत नहीं होती। कुछ काम स्वयं की इच्छाशक्ति से भी किए जा सकते हैं। गांव नवीपुर के युवाओं ने इसे साबित कर दिखाया है। गांव को गंदगी के हालात से उबारने के लिए युवाओं ने छुटटी वाले दिन यानि रविवार को ही स्वच्छता दिवस मान लिया है। इस दिन युवाओं के दल गलियों में साफ सफाई के लिए उतरते हैं। लगातार प्रयासों ने अब गांव की तस्वीर बदल दी है।

कस्बा से करीब पांच किलो मीटर दूर स्थित पांच हजार की आबादी वाले गांव नवीपुर को औद्योगिक गांव का दर्जा हासिल है लेकिन गांव में विकास के साथ गंदगी से हालत नारकीय थे। दूसरे शहरों में काम करने वाले युवाओं को गांव के यह हालात बेहद चुभते थे। 15 अगस्त पर इस टीस ने तमाम युवाओं को जोड़ दिया। बड़े मंदिर के महंत सियाराम दास महाराज के सानिध्य में ऋषिराज ने युवाओं का नेतृत्व किया और गांव के रविकांत, राजकुमार, प्रवीन, नरेश, मदनलाल और भगत ¨सह से चर्चा कर अभियान शुरू किया। उन्होंने गांव में रविवार को साफ सफाई का नारा दिया। टीम में रघुराज, श्रीकांत, गोपाल, मनोज, भूपेंद्र, संजय, सोरन ¨सह, गोपाल, सतपाल,जीतेंद्र, राजेश, मनोज, छोटू, भोला, राहुल सहित दर्जनों युवा जुड़ गए हैं। सफाई अभियान 7 से 12 बजे तक चलता है। अब गांव की अधिकतर गलियां साफ हो गई हैं।

गांव के युवाओं को सफाई का आइडिया यूं ही नहीं आया। दरअसल गांव के युवा कस्बा के निकटवर्ती गांव सुपाना आते-जाते हैं। यह आदर्श गांव है। वहां की गलियों के हालात, लोगों की साफ सफाई की सोच और सड़क किनारे लगाए हुए पेड़ों ने गांव नवीपुर के युवाओं के दिल में सफाई की टीस जगाई। युवाओं का यह अभियान बेहद अच्छा है। इसने गांव की तस्वीर ही नहीं ग्रामीणों की सोच भी बदली है। मैं धन्यवाद देता हूं ऐसे युवाओं को जिसने इस बेहतरीन अभियान को सोच में तब्दील किया।

 छुटटी वाले दिन को स्वच्छता दिवस मान, बदल दी गांव की तस्वीर Reviewed by on . हर काम के लिए सरकार की मदद की जरूरत नहीं होती। कुछ काम स्वयं की इच्छाशक्ति से भी किए जा सकते हैं। गांव नवीपुर के युवाओं ने इसे साबित कर दिखाया है। गांव को गंदगी हर काम के लिए सरकार की मदद की जरूरत नहीं होती। कुछ काम स्वयं की इच्छाशक्ति से भी किए जा सकते हैं। गांव नवीपुर के युवाओं ने इसे साबित कर दिखाया है। गांव को गंदगी Rating: 0

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