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घर में करें खेती

July 23, 2017 10:08 am by: Category: बच्चों का कोना Leave a comment A+ / A-

घर में फूल-पत्ते लगाना न सिर्फ सजावट के लिए, बल्कि वायु प्रदूषण घटाने की दृष्टि से भी जरूरी माना जाता है। हर आदमी अपने घर में फूल लगाना पसंद करता है। मगर घर में अगर सब्जियां उगाने का प्रयास किया जाए तो उससे न सिर्फ घर का सौंदर्य निखारने में मदद मिलेगी, बल्कि बाजार में उपलब्ध रासायनिक दवाओं के इस्तेमाल से उगाई सब्जियां खाने से भी मुक्ति मिलेगी। घर में कैसे सब्जियां उगाएं और किस तरह उन्हें घर की सजावट में भी इस्तेमाल करें, पेश हैं रवि डे के सुझाव। अपने घर में पेड़-पौधे, फूल लगाना किसे नहीं पसंद। हर कोई अपने घर के आकार और सुविधा के हिसाब से पेड़-पौधे, गमलों में फूल वगैरह लगाना पसंद करता है। सुबह-सुबह उठ कर फूलों को देखना मन को सुकून देता है। मगर महानगरों में घरों का आकार छोटा होने की वजह से बहुत सारे लोगों का फूल-पत्ते लगाने का शौक मन में ही दबा रह जाता है। कई लोग प्लास्टिक के सजावटी फूल-पत्ते गुलदानों में सजा कर अपना शौक पूरा करते हैं। मगर घर छोटा हो या बड़ा, कुछ गमले रखने की जगह निकाली जा सकती है। इसके लिए बस थोड़ी इच्छाशक्ति और पैसे खर्च करने की जरूरत होती है। हर घर में बालकनी होती है। उसके बाहरी हिस्से में गमले रखने लायक लोहे की रेलिंग लगवाएं। तीनों तरफ से बालकनी को रेलिंग से घेर दें। उसमें जितने गमले आ सकते हैं, रख दें। उनमें फूल-पौधे उगाए जा सकते हैं। रेलिंग में गमलों को रखने का एक फायदा यह भी होता है कि गमलों का अतिरिक्त पानी और मिट्टी वगैरह बालकनी में नहीं गिरते। सीधे नीचे चले जाते हैं। इस तरह साफ-सफाई की मशक्कत भी कम हो जाती है।

घर में पेड़-पौधे लगाना न सिर्फ सजावट और मन को सुकून पहुंचाने के लिए जरूरी है, बल्कि इससे पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिलती है। आजकल महानगरों में जिस तरह वायु प्रदूषण बढ़ रहा है, उसमें घर के किसी हिस्से में रखे पौधे घर के भीतर कार्बन की मात्रा घटाने में मदद करते हैं। आजकल कुछ ऐसे भी पौधे बाजार में मिलने लगे हैं, जो घर के भीतर के कार्बन को तेजी से अवशोषित करते हैं। उन्हें मिट्टी में लगाना जरूरी नहीं होता, रासायनिक जेली में उगाया जा सकता है। थोड़ा इंटरनेट वगैरह पर अध्ययन करें, नर्सरियों में जाकर पूछताछ करें तो कम जगह में भी फूल-पौधे उगाने का शौक पूरा किया जा सकता है।

ज्यादातर लोग बागबानी का शौक पूरा करने के लिए घरों के भीतर या बाहर सजावटी पेड़-पौधे लगाना पसंद करते हैं। फूल वाले पौधे लगाना आम चलन में है। ऐसा इसलिए भी लोग करते हैं कि सजावटी पौधे शहरों में आसानी से मिल जाते हैं। पौधे बेचने वाले गली-मुहल्लों में घूमते रहते हैं। मगर घर में सा-भाजी लगाएं, तो इससे दो फायदे होते हैं। एक तो यह कि घर में सब्जी-भाजी उगाने का सुख मिलता है, दूसरे कि जरूरत पड़ने पर कई ताजा सब्जियां सहज उपलब्ध हो जाती हैं। उनमें रासायनिक खाद और दवाइयों के छिड़काव का खतरा नहीं रहता। जिन लोगों के पास पर्याप्त जगह है, वे भरपूर मात्रा में सब्जियां बो सकते हैं, मगर जिनके पास जगह की कमी है, वे भी रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाली कुछ चीजें गमलों में उगा सकते हैं। इनमें हरी मिर्च, हरा लहसुन, हरा प्याज, धनिया, मेथी, पुदीना कुछ ऐसी चीजें हैं, जिनकी जरूरत रोजमर्रा पड़ती रहती है। कई बार तो ऐसी स्थिति हो जाती है कि घर में धनिया पत्ता खत्म हो गया या हरी मिर्च खत्म हो गई और बाजार जाकर लाने का समय नहीं है।

ऐसे में मन मार कर बिना इन चीजों के सब्जी खानी पड़ती है। अगर ये चीजें गमले में उगा ली जाएं, तो आपात स्थिति में इनका उपयोग किया जा सकता है। यह तो सही है कि छोटे फ्लैटों वाले घरों में रोज की जरूरत भर की सब्जियां उगाना संभव नहीं है, पर चार-छह गमले रख कर भी उनमें मेथी, हरा प्याज, लहसुन, धनिया, पुदीना जैसी चीजें उगाई जा सकती हैं। ये ऐसी चीजें हैं, जिन्हें बारहों महीने उगाया और इस्तेमाल किया जा सकता है। जिन लोगों के पास पर्याप्त जगह है, वे भरपूर सब्जियां उगा सकते हैं। कई लोग महानगरों में इसलिए सब्जियां नहीं उगा पाते कि उनके बीज या पौधे आसानी से नहीं मलि पाते। मगर आजकल आनलाइन सब्जियों के बीज, खाद वगैरह आसानी से उपलब्ध हैं। उन्हें उगाने की विधि और देखभाल संबंधी जानकारियां भी वहां से हासिल हो जाती हैं। कई लोग अपने घरों के बाहर या छतों के खुले हिस्से में टमाटर, बैगन, गोभी, तोरी, घिया वगैरह उगाते हैं और उन्हें बाजार से कम ही सब्जियां खरीदने की जरूरत पड़ती है। इस तरह वे स्वस्थ और ताजा सब्जियां खाते हैं।

जिस तरह बेल वाले पौधे लगा कर लोग बालकनियों के ऊपर, दीवारों पर हरियाली रचने और फूलों की छटा बिखेरने का प्रयास करते हैं, उसी तरह सब्जियों से भी सजावट की जा सकती है। लौकी, तोरई, कद्दू, करेला आदि कुछ ऐसी सब्जियां हैं, जिनकी बेलें रस्सियों के सहारे बालकनी में चढ़ा कर सब्जियां पैदा की जा सकती हैं। अगर कुछ और रचनात्मक प्रयोग करना चाहें तो बालकनी के ऊपर बांस के फट्टों से छत तैयार करें और उस पर कद्दू, लौकी, तोरई, करेले की बेलें चढ़ा दें। इनके फूल और लटकते हुए फल न सिर्फ आपके मन को सुकून देंगे, बल्कि सेहत को भी निखारेंगे। जिनके पास थोड़ी अधिक जगह है या छत पर जगह बनाई जा सकती है, वे ग्रीन हाउस बना कर तरह-तरह की सब्जियां उगा सकते हैं। लोहे का सीढ़ीदार स्टैंड बनवा कर उन पर गमले रखे जा सकते हैं। इस तरह कम जगह में अधिक गमले रखने की गुंजाइश बनाई जा सकती है।

सरकार जोर दे रही है कि गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखें। गीला कचरा यानी फलों-सब्जियों के छिलके, पत्ते, सूखे फूल, चाय पत्ती वगैरह। इनसे कंपोस्ट बनाई जा सकती है। रोज घरों से ऐसा गीला कचरा निकलता है। इस कचरे से कंपोस्ट बनाई जा सकती है। आजकल कई कंपनियों ने घर में कंपोस्ट बनाने के लिए विशेष डिब्बे तैयार किए हैं। ये डिब्बे आनलाइन भी उपलब्ध हैं। इनकी खूबी यह है कि इन्हें घर के भीतर रखा जा सकता है और उनमें से बदबू नहीं आती। महीने भर में कंपोस्ट तैयार हो जाती है। यह कंपोस्ट गमलों में उगाए जाने वाले पौधों के लिए उत्तम है। इसे डालने के बाद रासायनिक खाद और दवाइयों की जरूरत नहीं पड़ती।

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