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गरीबों के लिए मुफ्त केस लड़ें वकील: पीएम

May 10, 2017 2:51 pm by: Category: प्रमुख समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, राष्ट्रीय, समाचार 1 Comment A+ / A-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी से हमारी दुनिया तेजी से बदल रही है और हमें इस बदलाव से खुद को जोड़ना होगा. प्रधानमंत्री ने वकीलों से आह्वान किया कि वे देश सेवा में अपना योगदान करें. न्यायपालिका में सुधार के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि अब छुट्टियां कम हो रही हैं और टेक्नोलॉजी की मदद से इसमें मुकदमों को निपटाने में आसानी हो रही है. सुप्रीम कोर्ट के इंटीग्रेटेड केस मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (आईसीएमआईएस) का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा यह बातें कहीं.

पीएम ने कहा, ‘देश बदल रहा है, छुट्टी में भी लोग काम कर रहे हैं. 10 मई को 1857 की आजादी का संग्राम शुरू हुआ था. इलाहाबाद में चीफ जस्टिस ने विस्तार से आंकड़े प्रस्तुत किये थे और देश में जो लंबित केस हैं उसे देखते हुए न्यायपालिका को कहा था कि छुट्टियों में भी काम कीजिए. सुनकर आनंद आया कि सुप्रीम कोर्ट और दूसरे कोर्ट में छुट्टियों में काम किया जा रहा है . इससे जिम्मेदारी का अहसास होता है तो लोगों के मन में भी भाव आते हैं. न्यू इंडिया के लिए ये जरूरी है.’

पीएम ने कहा, ‘न्यायिक व्यवस्था में टेक्नोलॉजी का आना डिजिटल इंडिया के लिए बहुत बड़ी सेवा का काम करेगा. न्यायपालिका के क्षेत्र में भी तकनीकी का क्षेत्र विस्तार हो गया है. मोबाइल रिकॉर्ड और सीसीटीवी व फॉरेंसिक तकनीक का बड़ा रोल हो गया है. इंटरनेट के जरिए याचिका दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू.’ न्यायपालिका में सुधार के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि जजों ने अपनी छुट्टियां कम की हैं. उन्होंने इसके लिए जजों का आभार भी जताया.

वकील भी करें देश सेवा में योगदान
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘इसके पहले कांग्रेस के शासन में बड़ा मसला यह था कि साल में 9 की बजाए 12 सिलंडर दिए जाएं. सरकार बनने के बाद मैंने लोगों से अपील की तो देश के 1.20 करोड़ परिवारों ने गैस सब्सिडी छोड़ दी. मैंने डॉक्टरों से कहा कि हर महीने 9 तारीख को गर्भवती महिलाओं का मुफ्त इलाज कीजिए, हजारों डॉक्टर सेवा कर रहे हैं. वकील भी तय करें कि गरीबों की सेवा के लिए मुफ्त केस लड़ेंगे और तकनीकी की मदद से ये काम होगा तो देश को लाभ होगा.’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हमें टेक्नोलॉजी का मतलब सिर्फ हार्डवेयर नहीं समझना चाहिए, जब टेक्नोलॉजी की बात होती है तो हमारी सोच भी एक समस्या होती है. टेक्नोलॉजी अपनाने का दायरा बढ़ाना होगा. टेक्नोलॉजी की ताकत बड़ी अद्भुत है. सबसे बड़ी चुनौती इसके साथ जुड़ने की है. ई-गवर्नेंस, ईजी गवर्नेंस, इफेक्टिव गवर्नेंस, एनवार्यमेंट फ्रेंडली गवर्नेंस है, हम इसे जीवन में कैसे उतारें इस पर ध्यान देना होगा.’ प्रधानमंत्री ने कहा कि ई-गवर्नेंस से पेपरलेस ऑफिस का चलन बढ़ रहा है और इससे पर्यावरण को लाभ होता है. A4 साइज का एक कागज दस लीटर पानी लेता है. इसका मतलब पेपरलेस होना जंगल बचाना पानी बचाना पर्यावरण की सेवा है.’

हमें दुनिया के साथ चलना होगा
पीएम ने कहा, ‘जो काम हजार साल में नहीं हुआ वह टेक्नोलॉजी ने 30 साल में कर दिया. जल्दी ही आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पूरी मानवजाति पर हावी होने वाली है, ड्राइवर लेस कार आएगी, इसके बाद क्या जॉब क्रिएशन होगा? एक्सपर्ट का कहना है कि इससे नए तरह के जॉब तैयार होंगे. पूरा विश्व बदलने वाला है और हम अगर इसके साथ नहीं चलेंगे तो हमें कोई पूछेगा नहीं . हम टैक्सी से कम किराए में, कम प्रति किमीलोमीटर कम खर्च में मंगल गए. हालीवुड की एक फिल्म से कम खर्च में मंगल तक पहुंचे. IT+IT= IT. मतलब इंडियन टेक्नोलाजी + इंडियन टैलेंट= इंडियन टुमारो.

नोटबंदी से मिला सबक
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘नोटबंदी में काफी कुछ सीखने को मिला. नोट छापने और उसके ट्रांसपोर्ट में अरबों-खरबों रुपये का खर्च होता है, एक एटीएम को संभालने के लिए छह -छह पुलिस कर्मी लगते हैं, डिजिटल व्यवस्था में इन सबकी बचत हो जाती है, यह बचत गरीब के घर बनाने उसकी श‍िक्षा के लिए काम आएगी.’

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Comments (1)

  • Babaso

    At post jasai tal uran dist panvel

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