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आईएसआई का मोहरा गिरफ्तार, बरेली में था ठिकाना

November 27, 2015 8:20 pm by: Category: अपराध, क्षेत्रीय, प्रमुख समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़, राष्ट्रीय, समाचार Leave a comment A+ / A-
ejaj isiपाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ओर आतंकियों की मददगार आईएसआई भारत के खिलाफ साजिश का षडयंत्र रचकर नौजवानों को खतरनाक मंसूबों के तहत भारत भेज रही है। वह सेना के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाने के लिए मोटी रकम भी खर्च कर रही है। इसका खुलासा उसके एक खास एजेंट की गिरफ्तारी से हुआ। यूपी एसटीएफ ने भारतीय सेना की जासूसी करके दस्तावेज जुटाने ओर हिंसा का ख्वाब देखने वाले एक पाकिस्तानी आईएसआई एजेंट को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार एजेंट अपनी असल पहचान छिपाकर बरेली शहर में रह रहा था। इतना ही नहीं उसने आधार कार्ड तक बनवा लिया था। दिखावे के लिए वह विडियों एडीटिंग का काम करता था। इसी की आड़ में सेना की जासूसी करता था ओर सूचना पाकिस्तान भेजता था। इसके बदले उसे 50 हजार रूपये महीना मिलते थे। इस पर शिकंजा कसने के लिए एसटीएफ ने लंबे समय से जाल बिछाया हुआ था ओर उसकी निगरानी की जा रही थी। एजेंट के कब्जे से कई संवेदनशील वस्तुएं बरामद की गई हैं। खुफिया इकाईयां उससे पूछताछ कर रही हैं।
एसटीएफ के एसएसपी अमित पाठक को सूचना मिल रही थी कि आईएसआई एजेंट छिपकर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। इस पर एसटीएफ उसकी तलाश में जुट गई। आज एसटीएफ टीम ने पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस की मदद से मेरठ रेलवे स्टेशन से एजेंट को गिरफ्तार कर लिया। वह गोपनीय सूचनाएं अपने साथियों को देने के लिए दिल्ली जा रहा था। गिरफ्तार एजेंट का नाम मोहम्मद इजाज उर्फ कलाम है। इजाज मूलरूप से पास्तिान के इस्लामाबाद शहर का रहने वाला है ओर बरेली के मोहल्ला शाहाबाद में रह रहा था। एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक इजाज का मुख्य काम भारतीय सेना व महत्वपूर्ण स्थलांे के बारे में संवेदनशील जानकारियां जुटाकर उससे सम्बंधित दस्तावेज आईएसआई को भेजने का था। इस काम के बदले उसे न सिर्फ उसे पूर्ण प्रशिक्षित किया गया था बल्कि उसे 50 हजार रूपये महीना भी दिए जाते थे। वह पहचान छिपाकर आम लोगों की तरह ही रहता था। किसी को शक न हो इसलिए काम भी करता था जबकि उसका असल मकसद कुछ ओर था।
इजाज वर्ष 2012 में आईएसआई के अधिकारियों के संपर्क में आ गया था। प्रशिक्षण के बाद उसे कलाम नाम से बने पासपोर्ट के जरिए बांग्लादेश के रास्ते फरवरी, 2013 में टॉस्क देकर भारत भेजा गया। वह कोलकता में रूका ओर उसने एक दजाज के माध्यम से फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र, वोटर कार्ड बनवाने के साथ ही बैंक में खाता भी खुलवा लिया। बाद में उसने आसमा नामक युवती से निकाह भी कर लिया। असल पहचान को छिपाये रहा। इसके बाद वह बरेली आ गया ओर अपना आधार कार्ड भी बनवा लिया। लोगों को शक न हो इसके लिए उसने एक दुकान पर विडियों एडीटिंग का काम भी शुरू कर दिया। बरेली में रहने के दौरान ही उसने बरेली व हरिद्वार कैंट की कई संवदेनशील सूचना अपने आकाओं को भेंजी। इस दौरान अपने काम के बदले उसे करीब 6 लाख रूपये मिल चुके थे। इसके बाद उसने मेरठ आर्मी डिपों सूचनाएं जुटाई ओर नक्शें बनाए। अन्य एजेंटों के पास वह दिल्ली जाता रहता था। पुलिस ने इजाज के कब्जे से गोपनीय दस्तावेज, विदेशी करेंसी, एटीएम कार्ड, मोबाइल, लैपटॉप, पैनड्राइव, आधार कार्ड भी बरामद किया है। इजाज आईएसआई का बड़ा मोहरा है। खुफियां इकाईयां उससे पूछताछ में जुटी हैं। उम्मीद है कि इजाज से कई बड़े खुलासे होंगे।
-नितिन शमा ‘सबरंगी’
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